हिंदी साहित्य में स्वदेश दीपक का अलग मुकाम है। यह मुकाम उनकी वर्षों की साहित्य साधना का परिणाम है। स्वदेश दीपक ने बड़ी कुशलता से नाटक, कहानी, उपन्यास, संस्मरण तथा टेली फिल्में आदी साहित्यिक विधाओं में लेखन किया है। उनके साहित्य का महत्वपूर्ण तथ्य मृत्यु है। आलोचकों का यह कहना था कि आत्महत्या और हत्या स्वदेश दीपक के पात्रों की अन्तिम परिणति हैं। उनके बारे में यह भी कहा जाता था कि लेखक अपनी हर रचना में अपने पात्रों के साथ भरी हुई बंदूक लेकर चलते हैं। आलोचकों की राय थी कि उनकी कहानियों चलते उनको पता चला कि रास्ते में बहुत सारे गढ्ढे हैं।
Subscribe to:
Comments (Atom)
स्वदेश दीपक
हिंदी साहित्य में स्वदेश दीपक का अलग मुकाम है । यह मुकाम उनकी वर्षों की साहित्य साधना का परिणाम है। स्वदेश दीपक ने बड़ी कुशलता से नाटक, कहा...
-
हिंदी साहित्य में स्वदेश दीपक का अलग मुकाम है । यह मुकाम उनकी वर्षों की साहित्य साधना का परिणाम है। स्वदेश दीपक ने बड़ी कुशलता से नाटक, कहा...
-
ब्रिटिश सत्ता से # आज़ादी पाने के लिए भारतीयों ने कई रास्तों, विचारधाराओं और पद्धतियों से कोशिशें कीं. उनमें से तीन-चार पद्धतियों को इतिह...
-
(छायाचित्र-हैदराबाद विश्वविदयालय परिसर) हमारे हैदराबाद विश्वविद्यालय में जैसे अन्य जानवर रहते हैं , वैसे ही बहुत सारे ...