हिंदी साहित्य में स्वदेश दीपक का अलग मुकाम है। यह मुकाम उनकी वर्षों की साहित्य साधना का परिणाम है। स्वदेश दीपक ने बड़ी कुशलता से नाटक, कहानी, उपन्यास, संस्मरण तथा टेली फिल्में आदी साहित्यिक विधाओं में लेखन किया है। उनके साहित्य का महत्वपूर्ण तथ्य मृत्यु है। आलोचकों का यह कहना था कि आत्महत्या और हत्या स्वदेश दीपक के पात्रों की अन्तिम परिणति हैं। उनके बारे में यह भी कहा जाता था कि लेखक अपनी हर रचना में अपने पात्रों के साथ भरी हुई बंदूक लेकर चलते हैं। आलोचकों की राय थी कि उनकी कहानियों चलते उनको पता चला कि रास्ते में बहुत सारे गढ्ढे हैं।
29 December 2021
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स्वदेश दीपक
हिंदी साहित्य में स्वदेश दीपक का अलग मुकाम है । यह मुकाम उनकी वर्षों की साहित्य साधना का परिणाम है। स्वदेश दीपक ने बड़ी कुशलता से नाटक, कहा...
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